About Aman
Why I do this work
Helping people find calm, clarity, and a healthier way of thinking, one session at a time.
Aman Kumar
Access Bars and Access Body Process Practitioner
Ex Administrative Officer,
LIC of India
Took Voluntary Retirement
Sector 50, Noida
A message from Aman
“मन के हारे हार है, मन के जीते जीत।”जब मन ठान ले, तो इंसान बहुत कुछ कर सकता है। हम जैसा सोचते हैं, धीरे-धीरे वैसा ही बनते जाते हैं। हमारे विचार ही हमारे व्यक्तित्व और हमारे शरीर दोनों को प्रभावित करते हैं।
अस्पतालों में डॉक्टर भी दवा देने के साथ अक्सर मरीजों से कहते हैं — "सकारात्मक सोचिए, आप बेहतर हो रहे हैं, आप ठीक हो जाएंगे।" इससे यह समझ आता है कि हमारे विचारों की शक्ति कितनी गहरी होती है। इसलिए कई बार हमें अपने मन और सोचने के तरीके को फिर से व्यवस्थित करने की जरूरत होती है।
हमारे जीवन में मन की भूमिका बहुत बड़ी है। यही मन हमारे भावनात्मक संतुलन, तनाव और चिंता को प्रभावित करता है। शरीर दिखाई देता है, इसलिए हम उसके स्वास्थ्य पर अधिक चर्चा करते हैं, लेकिन मन दिखाई नहीं देता, जबकि वही हमारे भीतर चल रही अनेक परेशानियों का आधार बन सकता है। आज कई शोध यह बताते हैं कि लंबे समय तक बना रहने वाला तनाव, चिंता और नकारात्मक सोच हमारे शारीरिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकते हैं।
हम शारीरिक स्वास्थ्य के बारे में खुलकर बात करते हैं, लेकिन तनाव, चिंता और भावनात्मक परेशानियों के बारे में उतनी सहजता से चर्चा नहीं कर पाते। पहले तो लोग इसे कोई समस्या नहीं समझते, जो समझते हैं वो स्वीकार नहीं करते और अगर स्वीकार कर भी लेते हैं तो किसी से बताने में झिझकते हैं। अक्सर हमें डर रहता है कि लोग क्या सोचेंगे या कहीं हमें कमजोर न समझ लें। जबकि कई शोध बताते हैं कि इस भागमभाग जिंदगी में हर वर्ग की बड़ी संख्या किसी न किसी स्तर पर तनाव, चिंता या भावनात्मक दबाव का अनुभव कर रही है। हमारी परंपरा में दवाइयों और शारीरिक देखभाल पर ध्यान देना तो शामिल है, लेकिन मन की शांति और भावनात्मक संतुलन पर खुलकर बातचीत करना अभी भी उतना सामान्य नहीं बन पाया है।
मेरा मानना है कि समाधान हमारे भीतर की ऊर्जा में ही मौजूद हैं, बस उसे समझने की जरूरत है।
- Access Bars and Access Body Process sessions
- Age no bar. Calming for all.
- One call away from calm.
- Available in Sector 50, Noida
Ready when you are
One session. Notice the difference.
You do not need to be sure this will work. You just need to be willing to try once. The worst case is an hour of genuine, deep rest. And that alone is something.
Access tells to always be in a question: How does it get better than this? Your awareness is unique to you
One to one session | Your identity remains confidential